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शाहिद आफ़रिदी लेबलसह पोस्ट दाखवत आहे

विडंबन - आफ़रिदी गुपचुप रोता हैं..

माझ्याच " राधा गुपचुप रोती हैं " या कवितेचे विडंबन विद्याधर भिसे च्या सुचनेनुसार ! स्विंग होता,स्टम्प उखाडता बॉल, सिसकियाँ किसकी सुनाता हैं ? आफ़रिदी गुपचुप रोता हैं.. मॅच फ़िक्सिंग में हम मगन थे.. आबरू डुबोने में तो आदतन थे ना खेलते न्यूझीलंड को तो क्या होता? डरपोक ही कहलाते तो क्या होता? सरहदों पार बैठा दहशतगर्द, क्यूँ मातम के गीत गाता हैं ? आफ़रिदी गुपचुप रोता हैं.. ऑन-साईड टेलर,ऑफ-साईड टेलर.. मैदान की हर दिशा में टेलर.. याद कुछ दिला दूँ तुम्हे .. बेहतरीन गेंदबाज कहते हमें.. " टेलर को आउट करो कमिनो.." कौन यह विलाप करता हैं ? आफ़रिदी गुपचुप रोता हैं.. आखिरी ओवर्स में अब कौन बचता हैं ? अख्तर की बॉलिंग से अब कौन डरता हैं ? रावलपिंडी एक्सप्रेस अब क्यूँ कहलाते हो ? अपने बॉलिंग की दहशत जो नही फैलाते हो .. बम का धमाका धमकाती आवाज में .. किस नामाकुल को बुलाता हैं ? आफ़रिदी गुपचुप रोता हैं.. फिकी हो गई ३ जीतों की खुशियाँ देखो.. बेआवाज़ पाकिस्तान की गलियाँ देखो.. इम्रान अब भी आफ़रिदी के पास आता हैं .. क्रिकेट की दो-चार टिप्स खास देता हैं.. नतीजा...