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त्रिवेणी लेबलसह पोस्ट दाखवत आहे

त्रिवेणी (हिंदी ) -- क्र. १-४

त्रिवेणी क्र. १ >>> बारिश की बुंदे भी कितनी बेईमान होती है. बस कुछ लम्हो की यहाँ मेहमान होती है.. . . . . ये आंसू मुझसे बेईमान क्यू नही होते ??       पुणे, ६ मार्च, २०११  -------------------------------------------------------------------------------- त्रिवेणी क्र. २ >>> कहते हैं आदमी पढेगा, तो उन्नत होगा, विचारों का दायरा बढेगा.. सोच बदलेगी, सरहदें मिटेगी, दिल-से-दिल मिलेंगे.. . . . . . . हम तो अब फेसबुक पर भी ग्रुप्स में जीने लगे हैं -------------------------------------------------------------------------------- त्रिवेणी क्र. ३ >>> आज पापा घर जरा देर से पहुँचे.. मोबाइल का नेटवर्क जॅम था.. . . . . . वजह वोही थी, बस 'तारीख' नयी थी -------------------------------------------------------------------------------- त्रिवेणी क्र. ४  >>> एक ही गाडी  में बैठे  हम दोनों , मंजिल की तरफ बढ़ रहे थे.. और बंद खिड़की के बाहर खुबसूरत नजारों का सिल...

त्रिवेणी -- क्र. ११ ते १४

त्रिवेणी  क्र. ११ >>   पौर्णिमेच्या रात्री आपण भेटलो चंद्राच्या साथीने, नक्षत्रांच्या सोबतीने, नको जाऊ म्हणताच तू हसत म्हणालीस, "भेटूच रे १५ दिवसानंतर" . . . . . १५ दिवसानंतर अमावास्या आली गं माझ्या जीवनात... :(     --------------------------------------------------------------------------------   त्रिवेणी  क्र. १२ >>   शांत चेहरा, मंद मिटलेल्या पापण्या.. रुंद कपाळावर लालेलाल टिकली.. . . . . बंदुकीची एक गोळी, काम फत्ते..     -----------------------------------------------------------------------------   त्रिवेणी क्र. १३ >>   आईवर चिक्कार कविता लिहिल्या गेल्यात.. विचार केला आपणही एक कविता लिहावी ... . . . "आई " शब्द लिहिला, कविता पूर्ण झाली....   ----------------------------------------------------------------------------   त्रिवेणी क्र. १४  >> तुझ्यावर मी कविता केली की तू जाम रागावतेस.. चि...

त्रिवेणी -- क्र. ७ ते १०

त्रिवेणी क्रमांक ७ >>  कधीतरी मी स्वप्न पाहिले होते, तुजसवे जगायचे .. तुजसाठी झुरायचे अन् तुजवीण मरायचे.. . . . यंदा बजेटमध्ये बांबू - उदबती स्वस्त झालेत.. ----------------------------------------------------------- त्रिवेणी क्रमांक ८ >> तू म्हणालीस साथ देईन तुला पावलापावलांवर.. सुखात, दुःखात,गुलाबांच्या गालिच्यावर ,काटेरी शय्येवर.. . . . इथे नरकात खूप एकटेपणा आलाय बघ ,कधी येशील ?? ------------------------------------------------------------------- त्रिवेणी क्र. ९ >>   मी नाही करू शकत जीवापाड प्रेम फक्त तुझ्यावर धुंद प्रणय,, प्रत्येक श्वास वाहिलेला तुझ्यावर.... . . .  वर बघ जरा , चंद्र भोगतोय आपल्या कर्माची फळे .... --------------------------------------------------------- त्रिवेणी क्र १० >>  बजेटमध्ये यंदा वैद्यकसेवा महाग झालीये.. आणि बांबू अन् उदबत्ती  स्वस्त झालेत.. . . . आता खरंच मरण स्वस्त झाले ..    

त्रिवेणी -- क्र. १ ते ६

त्रिवेणी क्र. १ -- रस्त्यावर उडणारा धुरळा.. आणि माणसांचा गोतावळा.. . . . . . .अजून एक आत्मा आज मुक्त झाला ********************************************* त्रिवेणी क्र. २ -- कृष्णाला सांगा वस्त्र चोरु नकोस आता.. कृष्णाला सांगा मडके फ़ोडू नकोस आता.. . . . . . महिला आयोग स्थापन झालाय ना आता ..  ************************************************** त्रिवेणी क्र. ३ -- मी तारे आणले असते तु्झ्यासाठी .. मी नक्षत्र आणले असते तुझ्यासाठी.. . . . . पण तूच आकाशात जाऊन बसलीस ... :( ************************************************* त्रिवेणी क्र. ४ -- यंदा काय ती कडाक्याची थंडी होती ! यंदा काय ते धुके गोठले होते !! . . . .. . यंदा पिकांवर कीड पडली होती.... ********************************************** त्रिवेणी क्र.  ५ -- वर बघितले की नक्षत्रांची आरास किती सुंदर दिसते.. अंगाला स्पर्शणारी वार्‍याची झुळूक किती शीतल भासते.. . . . . झोपायला आजसुद्धा फ़ुटपाथच नशिबात आले.. ********************************************** त्रिवेणी क्र. ...